Thursday, March 23, 2017

भगत सिंह का सपना आज भी अधूरा

रुद्रपुर। भगत सिंह कि विरासत को आगे बढाकर ही मारुती के बेगुनाह सजा झेल रहे मजदूरों की रिहाई सम्भव है भगत सिंह ने जिस सच्ची आजादी के लिये कुरबानी दी थी वह आज भी अधूरी है तथा मारुती से लेकर प्रीकोल तक के मजदूर दमन झेल रहे है और संघर्ष कर रहे है। मजदूर सहयोग केन्द्र और क्रांतिकारी नौजवान सभा द्वारा भगतसिंह चैक पर आयोजित जनसभा में उक्त बाते उभर कर आई, आज विभिन्न सगठनों व यूनियनो ने शहीदे आजम भगत सिंह,राजगुरु व सुखदेव का बलिदान दिवस मनाया जिसमे मारुती मजदूरो का बिना शर्त रिहा करने और प्रीकोल मजदूरों के कार्य बहाली की मांग उठाई गई। मजदूर सहयोग केन्द्र के मुकुल ने कहा की 18 जुलाई 2012 को मारुति के मानेसर प्लांट में साजिश के तहत मजदूरों का दमन हुआ। 148 मजदूर गिरफ्तार हुए लगभग 2500 मजदूरों को बर्खास्त किया गया, तीन-चार साल तक जेल में बंद रखने के बाद 117 मजदूरों बेगुनहा बरी हुए। 13 मजदूरो को उम्रकैद सहित 31 मजदूरों को सजा दे दी गई जिसके खिलाफ देशभर के मजदूर लममंद है। क्रान्तिकारी नौजवान सभा के संजय ने कहा कि गोरे अंग्रेज चले गए लेकिन भूरे अंग्रेज आज देश के मेहनतकश जनता को लूट रहे है,आज भगत सिंह के शहादत दिवस को बदलने की खतरनाक साजिश बढते जुनूनी हमले का उदाहरण है यह भगत सिंह के सपनों का अपमान है। इंकलाबी मजदूर केन्द्र के दिनेश भट्ट ने कहा कि हक और न्याय के इस संघर्ष के इस मुकाम पर भगत सिंह को याद करना बहुत ही प्रसागिक हो गया है। सभा को प्रभुनाथ वर्मा, राजदीप बठला,संजय कुमार, नवीन चिलाना, भीम ,दिनेश,अविनाश गुप्ता, दिनेश आर्य ,उर्मिला ,राकेश शर्मा, महेन्द्र राना चंद्रमोहन लखेड़ा, प्रकाश भट्ट, सुरजीत, अयोध्या प्रसाद भारती एमएन मंडल, ललित (एक्टू), अमित सक्सेना, मुकेश चन्द, उमेश चंदोला आदि ने संबोधित किया। शहीद दिवस पर मजदूर सहयोग केंद्र और क्रान्तिकारी नौजवान सभा द्वारा सभा में नेस्ले, टाटा, महिंद्रा, वोल्टास, महिंद्रा सीआईई पंतनगर, महिंद्रा सीआईई टाटा ऑटो कॉम, रिद्धि सिद्धि, मंत्री मेटेलिक्स यूनियनों व इंकलाबी मजदूर केंद्र, एक्टू, सीटू, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकार संगठन से जुड़े लोग व जनपक्षधर व पत्रकार बंधु आदि शामिल थे। सभा में मारुति मज़दूरों की रिहाई, मुक़दमों की वापसी और मज़दूरों की कार्य बहाली की मांग करते हुए इस देशव्यापी संघर्ष को एकताबद्ध रूप से तेज करने का आह्वान किया गया।

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