Wednesday, June 26, 2013

बादाम मज़दूरों ने निकाली ‘मज़दूर संघर्ष रैली’

नई दिल्ली, 23 जून,2013। करावल नगर में बादाम मज़दूरों ने हड़ताल के पाँचवे दिन रविवार को करावल नगर मज़दूर यूनियन के नेतृत्व में ‘मज़दूर संघर्ष रैली’ निकाली। रैली में बादाम मज़दूरों के साथ अन्य पेशों के मज़दूर भी बड़ी संख्या में थे। करीब हज़ार की संख्या में मज़दूर हड़ताल स्थल से क्षेत्रिय विधायक मोहनसिंह बिष्ट के कार्यालय पर गये। कार्यालय पर न तो विधायक मिले और न ही मज़दूरों का माँगपत्रक लेने वाला कोई अन्य था। जबकि विधयक को इस सम्बन्ध् में तीन दिन पहले ही सूचित कर दिया गया था। मज़दूरों ने कार्यालय के सामने ही अपनी सभा की। करावल नगर मज़दूर यूनियन के नवीन ने बताया कि करावल नगर क्षेत्र के बादाम उद्योग में काम करने वाले मज़दूरों के हालात बेहद दयनीय है। अध्कितर महिला मज़दूर ही मशीन द्वारा बादाम का छिलका टूटने के बाद इसकी सपफाई का काम करती है। मज़दूरों को न तो न्यूनतम मज़दूरी मिलती है और न ही काम के घण्टों की कोई सीमा होती है। स्वास्थ्य और सुरक्षा की बात ही क्या की जाये। इन सभी सवालों के लेकर ही बादाम मज़दूरों ने 19 जून से हड़ताल की शुरुआत की थी। किन्तु अभी तक उनकी जायज माँगों पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। स्त्री मज़दूर संगठन की बेबी ने कहा कि यह बादाम उद्योग कई करोड़ रुपयों की आमदनी वाला उद्योग है। बादाम का यह कारोबार वैश्विक असेम्बली लाइन का एक प्रत्यक्ष उदाहरण है। जिसका एक तार कैलिफोर्निया, आस्टेलिया से लेकर खारी बावली के व्यापारियों तक जुड़ा है जहाँ से ये मुम्बई और अहमदाबाद के तटों पर जहाजों से आता है, और दूसरा तार खारी बावली से होता हुआ, करावल नगर की संकरी-अंधेरी गलियों तक पहुँचता है जहां 60 से ज्यादा बादाम फैक्टरियों में इसे छिलका तोड़ने, साफ करने और पुनः पैक किये जाने के बाद घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों ही बाज़ारों में बिक्री के लिए भेज दिया जाता है। केएमयू के सनी ने बताया कि यहाँ हजारों की संख्या में स्त्री मजदूर भंयकर शोषण का शिकार हो रही हैं। बादाम पफैक्टरी बिना किसी पंजीकरण के चलती हैं जिनमें न तो मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी तय है, न ही कोई पहचान कार्ड और न ही कोई सुरक्षा उपकरण। करावल नगर मजदूर यूनियन कई बार उप-श्रमआयुक्त के पास फैक्टरी एक्ट लागू करने की लिखित शिकायत दर्ज करा चुकी। लेकिन श्रम कार्यालय द्वारा कोई सुनवाई न होने पर ही मज़दूरों ने संघर्ष की शुरुआत की है। हड़ताल के पाँचवे दिन मज़दूर संघर्ष पर डटे हुए है।
नवीन, सचिव, करावल नगर मज़दूर यूनियन

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