Saturday, September 18, 2010

पाश की भगत सिंह पर एक कविता

अवतार सिंह संधु 'पाश' पंजाबी के प्रख्‍यात शायर थे । वे वामपंथी आंदोलन में सक्रिय रहे। आजाद मुल्‍क़ के लिए जैसे समाज का ख्‍़वाब भगत‍ सिंह देख रहे थे, पाश वैसे ही समाज बनाने की जद्दोजहद में लगे थे। पंजाब में जिस दौरान अलगाववादी आंदोलन चरम पर था, पाश ने इसका खुलकर विरोध किया। ज़ाहिर है, वे इसके ख़तरे से अच्‍छी तरह वाकि़फ़ भी थे। ... पाश भी उसी दिन शहीद हो गये जिस दिन भगत सिंह शहीद हुए थे... सिर्फ सन् अलग- अलग थे। पाश महज़ 38 साल की उम्र में 23 मार्च 1988 को शहीद हो गये थे। भगत‍ सिंह पर लिखी गयी उनकी कविता यहॉं पेश है-

शहीद भगत सिंह
-पाश
पहला चिंतक था पंजाब का
सामाजिक संरचना पर जिसने
वैज्ञानिक नज़रिये से विचार किया था

पहला बौद्धि‍क
जिसने सामाजिक विषमताओं की, पीड़ा की
जड़ों तक पहचान की थी

पहला देशभक्‍त
जिसके मन में
समाज सुधार का
ए‍क निश्चित दृष्टिकोण था

पहला महान पंजाबी था वह
जिसने भावनाओं व बुद्धि‍ के सामंजस्‍य के लिए
धुँधली मान्‍यताओं का आसरा नहीं लिया था
ऐसा पहला पंजाबी
जो देशभक्ति के प्रदर्शनकारी प्रपंच से
मुक्‍त हो सका
पंजाब की विचारधारा को उसकी देन
सांडर्स की हत्‍या
असेम्‍बली में बम फेंकने और
फॉंसी के फंदे पर लटक जाने से कहीं अधिक है
भगत सिंह ने पहली बार
पंजाब को
जंगलीपन, पहलवानी व जहालत से
ब‍ुद्धि‍वाद की ओर मोड़ा था
जिस दिन फांसी दी गयी
उसकी कोठरी में
लेनिन की किताब मिली
जिसका एक पन्‍ना मोड़ा गया था
पंजाब की जवानी को
उसके आखिरी दिन से
इस मुड़े पन्‍ने से बढ़ना है आगे
चलना है आगे
(पंजाबी से अनुवाद: मनोज शर्मा, साभार: उद्भावना)

2 comments:

  1. very cool and briliant

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  2. The secret of our history, which should see the light of the day. Reach to the people.

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